थायराइड शरीर में मौजूद एक छोटी-सी ग्रंथि है, लेकिन इसका असर शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों पर पड़ता है। यह ग्रंथि ऐसे हार्मोन बनाती है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा, हृदय की धड़कन, शरीर के तापमान और कई अन्य प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। जब थायराइड ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में हार्मोन नहीं बनाती या जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है, तो शरीर में कई तरह के बदलाव दिखाई दे सकते हैं।
थायराइड की समस्या पुरुषों और महिलाओं दोनों को हो सकती है, लेकिन महिलाओं में इसके लक्षण पीरियड्स, हार्मोनल बदलाव और Fertility को भी प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए शुरुआती लक्षणों को समझना और समय पर जांच करवाना जरूरी है।
थायराइड के शुरुआती लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि थायराइड हार्मोन कम बन रहा है या ज्यादा। शुरुआत में लक्षण बहुत हल्के हो सकते हैं और कई बार इन्हें सामान्य थकान या तनाव समझ लिया जाता है।
लगातार थकान महसूस होना, कमजोरी, वजन में अचानक बदलाव, ठंड या गर्मी ज्यादा लगना, त्वचा में बदलाव, बाल झड़ना, कब्ज, नींद में बदलाव और मूड में उतार-चढ़ाव थायराइड की समस्या के संभावित संकेत हो सकते हैं। कुछ लोगों में गर्दन के सामने सूजन या गांठ भी दिखाई दे सकती है।
यदि ऐसे लक्षण लंबे समय तक बने रहें या एक साथ कई लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेकर थायराइड की जांच करवाना बेहतर होता है।
महिलाओं में थायराइड की समस्या के लक्षण सामान्य लक्षणों के साथ-साथ हार्मोनल बदलाव के रूप में भी दिखाई दे सकते हैं। पीरियड्स का अनियमित होना, बहुत ज्यादा या कम ब्लीडिंग होना, पीरियड्स के बीच का अंतर बदलना और गर्भधारण करने में परेशानी इसके संभावित प्रभावों में शामिल हो सकते हैं।
इसके अलावा वजन बढ़ना या कम होना, बालों का झड़ना, त्वचा का रूखा होना, अत्यधिक थकान, चिड़चिड़ापन और मूड में बदलाव भी हो सकते हैं। हालांकि, इन लक्षणों का कारण हमेशा थायराइड ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर खुद से निष्कर्ष निकालने के बजाय उचित जांच जरूरी है।
Hypothyroidism में थायराइड ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में हार्मोन नहीं बना पाती। इससे शरीर की कई प्रक्रियाएं धीमी हो सकती हैं। इस स्थिति में व्यक्ति को लगातार थकान और सुस्ती महसूस हो सकती है।
Hypothyroidism के सामान्य लक्षणों में वजन बढ़ना, ठंड ज्यादा लगना, कब्ज, त्वचा का रूखा होना, बाल झड़ना, चेहरे पर सूजन, मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द और ध्यान लगाने में परेशानी शामिल हो सकती है। कुछ लोगों में दिल की धड़कन सामान्य से धीमी हो सकती है और मूड में बदलाव भी महसूस हो सकता है।
महिलाओं में Hypothyroidism पीरियड्स को प्रभावित कर सकता है और कुछ मामलों में Fertility पर भी असर पड़ सकता है।
Hyperthyroidism में शरीर जरूरत से ज्यादा थायराइड हार्मोन बनाने लगता है। इसके कारण शरीर की कई प्रक्रियाएं सामान्य से तेज हो सकती हैं।
इस स्थिति में बिना किसी खास कारण के वजन कम होना, दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना, ज्यादा पसीना आना, गर्मी सहन न होना, हाथों में कंपन, बेचैनी और नींद में परेशानी जैसे लक्षण हो सकते हैं। कुछ लोगों को बार-बार मल त्याग की समस्या या मांसपेशियों में कमजोरी भी महसूस हो सकती है।
Hyperthyroidism में भी महिलाओं के पीरियड्स हल्के या अनियमित हो सकते हैं। आंखों से जुड़े कुछ बदलाव भी विशेष प्रकार के Hyperthyroidism में दिखाई दे सकते हैं।
हां, थायराइड हार्मोन में असंतुलन महिलाओं के मासिक धर्म और Fertility को प्रभावित कर सकता है। थायराइड हार्मोन शरीर के प्रजनन हार्मोन के संतुलन से जुड़े होते हैं। इसलिए Hypothyroidism या Hyperthyroidism की स्थिति में पीरियड्स अनियमित, बहुत ज्यादा या बहुत कम हो सकते हैं।
थायराइड की समस्या कुछ महिलाओं में Ovulation को भी प्रभावित कर सकती है, जिससे गर्भधारण करने में परेशानी हो सकती है। Pregnancy की योजना बना रही महिलाओं के लिए थायराइड का सही मूल्यांकन और आवश्यक होने पर उपचार महत्वपूर्ण होता है।
अगर लंबे समय से पीरियड्स अनियमित हैं या गर्भधारण में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर से परामर्श लेकर थायराइड समेत अन्य संभावित कारणों की जांच करवाना उचित है।
थायराइड की जांच की शुरुआत आमतौर पर Blood Test से होती है। डॉक्टर लक्षणों और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर Thyroid Function Tests की सलाह दे सकते हैं।
सबसे सामान्य जांचों में TSH (Thyroid Stimulating Hormone) और जरूरत के अनुसार Free T4 शामिल होते हैं। कुछ स्थितियों में T3 की जांच भी की जा सकती है। यदि डॉक्टर को Autoimmune Thyroid Disease का संदेह हो, तो कुछ Thyroid अँटिबॉडी टेस्ट्स भी करवाए जा सकते हैं।
गर्दन में सूजन या गांठ जैसी समस्या होने पर डॉक्टर शारीरिक जांच के साथ Thyroid Ultrasound जैसी जांच की सलाह दे सकते हैं। कौन-सी जांच आवश्यक है, यह व्यक्ति के लक्षण और मेडिकल स्थिति पर निर्भर करता है।
यदि थकान, वजन में लगातार बदलाव, बाल झड़ना, पीरियड्स में बदलाव, दिल की धड़कन तेज होना, अत्यधिक ठंड या गर्मी लगना जैसे लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
विशेष रूप से महिलाओं को पीरियड्स लगातार अनियमित होने, गर्भधारण में परेशानी होने या Pregnancy की योजना बनाने के दौरान थायराइड की समस्या का संदेह हो तो डॉक्टर से जांच के बारे में बात करनी चाहिए।
गर्दन में नई गांठ या सूजन, बहुत तेज या अनियमित धड़कन, सांस लेने में परेशानी या अन्य अचानक गंभीर लक्षण दिखाई देने पर जल्द चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
Fertility से जुड़ी समस्याओं में सही कारण का पता लगाना और उसके अनुसार उपचार की योजना बनाना महत्वपूर्ण होता है। थायराइड असंतुलन गर्भधारण की योजना को प्रभावित कर सकता है, इसलिए Fertility Evaluation के दौरान डॉक्टर आवश्यकता के अनुसार Thyroid Function की भी जांच कर सकते हैं।
Lifeline IVF में Fertility से जुड़ी समस्याओं के मूल्यांकन और उपचार के लिए विशेषज्ञों की सलाह ली जा सकती है। यदि किसी महिला को Thyroid के साथ गर्भधारण में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर उसकी स्थिति के अनुसार आगे की जांच और उपचार की दिशा तय कर सकते हैं।
Thyroid शरीर के मेटाबॉलिज्म और कई महत्वपूर्ण शारीरिक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने में भूमिका निभाता है। इसके हार्मोन में असंतुलन होने पर थकान, वजन में बदलाव, बाल झड़ना, त्वचा में बदलाव, मूड में परिवर्तन और शरीर के तापमान से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
महिलाओं में थायराइड का असर पीरियड्स और Fertility पर भी पड़ सकता है। हालांकि, ये लक्षण कई अन्य कारणों से भी हो सकते हैं। इसलिए केवल लक्षण देखकर खुद से Thyroid की दवा शुरू नहीं करनी चाहिए। सही Blood Tests और डॉक्टर की सलाह से समस्या का कारण समझना और उचित उपचार लेना अधिक सुरक्षित तरीका है।
थायराइड के शुरुआती लक्षणों में थकान, वजन में बदलाव, ठंड या गर्मी ज्यादा लगना, बाल झड़ना, त्वचा में बदलाव, कब्ज, नींद में बदलाव और मूड में उतार-चढ़ाव शामिल हो सकते हैं। लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि थायराइड हार्मोन कम है या ज्यादा।
महिलाओं में थकान, वजन बढ़ना या कम होना, बाल झड़ना, त्वचा का रूखा होना और मूड में बदलाव के साथ पीरियड्स का अनियमित होना या ब्लीडिंग में बदलाव हो सकता है। कुछ मामलों में Fertility भी प्रभावित हो सकती है।
Hypothyroidism में शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा होने के कारण वजन बढ़ सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति में वजन बढ़ना थायराइड की वजह से ही हो, यह जरूरी नहीं है। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह और आवश्यक जांच महत्वपूर्ण है।
हां, थायराइड हार्मोन में असंतुलन के कारण कुछ लोगों में बाल झड़ने या बालों की गुणवत्ता में बदलाव की समस्या हो सकती है। थायराइड का इलाज होने के बाद कई लोगों में यह समस्या धीरे-धीरे बेहतर हो सकती है।
हां, Hypothyroidism और Hyperthyroidism दोनों ही मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर सकते हैं। पीरियड्स अनियमित, बहुत ज्यादा या बहुत कम हो सकते हैं। लगातार बदलाव होने पर डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
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